शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market?

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market? Chart देखने के लिए प्लेटफार्म, कैंडल को समझना, Bullish Candle, Bearish Candle, Candlestick Pattern, Major Reversal Patterns, Continuation Pattern, Moving Average

साथियों, यह प्रश्न अक्सर नए निवेशकों द्वारा पूछा जाता है जो हाल में Share Market में Entry ले ली है पर उसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है की शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखें? उन्हें इसके बारे में पता नहीं होता है कि किस तरह से चार्ट को रीड करें और उसमें निवेश करें। अगर देखा जाए तो चार्ट को समझना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि चार्ट को बिना समझे निवेश करना बिना युद्ध कला के ज्ञान के किसी बड़े योद्धा से लड़ने के बराबर है। इसीलिए शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आप कुछ शेयर मार्केट को समझना बहुत जरूरी है। इसके बारे में बात करेंगे।

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market?

शेयर बाजार का चार्ट देखने के लिए और समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आपको एक ऐसा प्लेटफार्म चाहिए जहां पर चार्ट को अच्छे से Present किया जाए क्योंकि चार्ट को Read करने से पहले आपके पास वह चार्ट होना बहुत ही आवश्यक है। इसके बाद जब आपके पास चार्ट उपलब्ध है तो आप चार्ट के छोटे इकाई कैंडल को समझना शुरू कीजिए। जब आपको कैंडल समझ में आ जाए और यह भी समझ में आ जाए कि किस तरह से चाट बनता है तो टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करके चार्ट को एनालाइज करना शुरू कीजिए की चार्ट किसी Specific Point से ऊपर जाएगा या फिर नीचे। इन सभी चीजों के बारे में हमने नीचे स्टेप में बताया है, जिसे आप अच्छे से पढ़ सकते हैं।

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है?

Chart देखने के लिए प्लेटफार्म:इंट्रा डे कहां से सीखें शेयर मार्केट का चार्ट देखने के लिए आपको सबसे पहले कोई ऐसा प्लेटफार्म चाहिए जहां पर आप चार्ट देख पाए। मैं जो प्लेटफार्म यूज करता हूं और आप सभी को भी रेकमेंड करता हूं वह है tradingview.com यहां पर आप बहुत ही अच्छे तरह से चार्ट को देख पाएंगे और एनालाइज कर पाएंगे।

कैंडल को समझना: आप यह जरूर जानते होंगे की किसी चार्ट को पढ़ने से पहले हमें कैंडल को समझना बहुत ही जरूरी है क्योंकि कैंडल चार्ट की सबसे छोटी इकाई है। छोटे-छोटे कैंडल को मिलाकर एक चार्ट का निर्माण होता है। आपको यह बता दे कि कैंडल दो तरह की होती है- 1. Bullish Candle 2. Bearish Candle

Bullish Candle: बुलिश कैंडल सामान्यतः हरी और सफेद रंग की होती है, यह तेजी को दर्शाती है, इसके चार प्रमुख भाग होते हैं Open, Close, Low & High.

Bearish Candle: बियरिश कैंडल सामान्यतः लाल और काली रंग की होती है, यह मंदी को दर्शाती है, इसके चार प्रमुख भाग होते हैं Open, Close, Low & High.

Candlestick इंट्रा डे कहां से सीखें Pattern: जब आप कैंडल के बारे में अच्छे से जान और समझ लेते है तो अब आप कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे सीखना बहुत आवश्यक है। कैंडलस्टिक पैटर्न बहुत तरह के होते है इसका प्रयोग कर आप शेयर में सबसे पहले एंट्र, एग्जिट, स्टॉपलॉस और टारगेट का अनुमान लगा सकते है।

Major Reversal Patterns: जब आप चार्ट के बारे में बेसिक तरह से रीड करना आ जाये चार्ट अलग अलग टाइम फ्रेम में मेजर रेवेर्सल पैटर्न ढूंढ़ सकते है। इसमें प्रमुख रूप से हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न, इनवर्स हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न, डबल टॉप और डबल बॉटम पैटर्न आते है।

Continuation Pattern: इस चार्ट पैटर्न में same ट्रेंड को continue किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से ट्रैंगुलर, रेक्टंगुलर और फ्लैग एंड पोल चार्ट पैटर्न आते है।

Moving Average: यह एक अच्छा इंडिकेटर है जो अपने पिछले चाल का एवरेज को दर्शाता है। इसमें 50 मूविंग एवरेज, 200 मूविंग एवरेज प्रमुख है।

ऊपर दी गई सभी जानकारियों के आधार पर आप शेयर मार्केट में चार्ट का एनालिसिस कर पाएंगे। इसके लिए प्रमुख रूप से आपको बहुत ही ज्यादा प्रैक्टिस की जरूरत होती है। इसमें हमने कुछ प्रमुख चीजों के बारे में बात किया है। जब आप इतना सीख लेते हैं तो इसके बाद आप चार्ट का एनालिसिस आसानी से कर पाएंगे।

शेयर बाज़ार का चार्ट किस तरह देखते है? FAQ

आर्टिकल के इस भाग में हम कुछ इस आर्टिकल से जुड़ी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जो कुछ नए Investors के मन में अक्षर चल रहे होते है जिसका जवाब मैंने निचे निम्नलिखित प्रकार दर्ज किया है।

क्या शेयर मार्केट से पैसा कमाना संभव है?

Ans. हाँ, परन्तु इसके लिए आपको शेयर को एनालाइज करने का टेक्निकल तथा फंडामेंटल तरीका सीखना होगा।

शेयर बाजार का Chart देखने के लिए कौन से प्लेटफार्म का उपयोग करें?

Ans. Basically, शेयर बाज़ार का Chart देखने के लिए Trending View.in Website का उपयोग करके हम आसानी से शेयर मार्किट का Chart देख सकते है।

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मेरा नाम Prabhat Kumar Sharma हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और मुझे Share Market, Cryptocurrency और Business की बहुत अच्छी और गहरी जानकारी है। मैं इस Blog के माध्यम से इस टॉपिक से जुड़े आपके कठिन से कठिन प्रश्नो को एक बेहतरीन और आसान तरीके से लिखकर बताने का प्रयास करता हूँ।

शेयर बाजार से हुई कमाई पर कितना लगता है इनकम टैक्स, स्टॉक्स में पैसे लगाने से पहले ये जानना है जरूरी

शेयर बाजार से हुई कमाई पर कितना लगता है इनकम टैक्स, स्टॉक्स में पैसे लगाने से पहले ये जानना है जरूरी

अगर आप भी शेयर बाजार में पैसे लगाते हैं तो आपको इसका टैक्स सिस्टम पता होना चाहिए. शेयर बाजार में लोग कई तरह से कमाई करते हैं और अलग-अलग तरीकों से हुई कमाई पर टैक्स भी अलग-अलग तरीके से लगता है.

कोरोना काल में पहले तो शेयर बाजार (Share Market) बुरी तरह टूटा, लेकिन फिर उसमें तगड़ी तेजी भी देखने को मिली. इस तेजी की एक वजह यह भी रही कि पहले की तुलना में अधिक लोगों ने शेयर बाजार में पैसा लगाना शुरू कर दिया. कुछ साल पहले की तुलना में अब बहुत सारे लोग शेयर मार्केट में पैसे लगाते हैं. बीएसई से पहले 5 करोड़ इन्वेस्टर करीब 12 सालों में जुड़े, जबकि महज दो सालों में ही 5 करोड़ और इन्वेस्टर जुड़ गए. यानी अब शेयर बाजार में पैसे लगाने वाले बहुत अधिक बढ़ चुके हैं. ऐसे में ये जानना भी बहुत जरूरी है कि शेयर बाजार से जो कमाई होती है, उस पर कितना इनकम टैक्स (Taxation on Share Market Earning) लगता है.

सबसे पहले बात इंट्रा-डे की

कोरोना काल में ऐसे बहुत सारे लोग शेयर बाजार से जुड़े, जिनका मकसद निवेश करना नहीं, बल्कि ट्रेडिंग करना था. बता दें जब लोग शेयर बाजार में कम समय के लिए पैसे लगाते हैं और मुनाफा मिलते ही उन्हें बेच देते हैं, उसे ट्रेडिंग कहते हैं. यह ट्रेडिंग एक दिन से लेकर कुछ दिनों, हफ्तों या महीनों तक के लिए भी की जाती है. अगर कोई शख्स एक ही दिन में शेयर को खरीदकर उसे बेच भी देता है, तो इसे इंट्रा-डे ट्रेडिंग कहते हैं. अगर आप इंट्रा-डे ट्रेडिंग करते हैं तो आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा. यानी अगर आपकी कुल कमाई 2.5 लाख रुपये से भी कम है तो आप पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि इससे ऊपर की कमाई पर आपको स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ेगा.

फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग पर कैसे लगता है टैक्स

अगर आप फ्यूचर या ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो भी आप पर इंट्रा डे की तरह ही टैक्स लगेगा. यानी फ्यूचर या ऑप्शन ट्रेडिंग से आपको जो मुनाफा होगा, उस पर आपको खुद पर लगने वाले टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा. बता दें कि फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग के तहत आप बाद की यानी आने वाले दिनों की किसी तारीख के लिए डील फाइनल करते हैं. फ्यूचर के तहत अगर आप कोई स्टॉक लेते हैं तो आपको उस डील में फायदा हो या नुकसान, आप समय से पहले उससे बाहर नहीं निकल सकते. वहीं ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको अगर नुकसान होने लगता है तो आप डील छोड़ सकते हैं. इनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा हेजिंग के लिए होता है, लेकिन बहुत से ट्रेडर इसे मुनाफा कमाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं.

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर कैसे लगता है टैक्स?

अगर आप किसी शेयर को अपने पोर्टफोलियो में कम से कम 1 दिन या अधिक से अधिक 364 दिन मतलिब 1 साल से कम तक रखते हैं तो उसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है. इस पर आपको फ्लैट 15 फीसदी का टैक्स देना होता है. हालांकि, अगर आपकी कमाई 2.5 लाख रुपये से कम है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन कमाई उससे ऊपर बढ़ते ही फ्लैट 15 फीसदी टैक्स लगेगा, भले ही आप किसी भी स्लैब के दायरे में आते हों.

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ तो कैसे लगेगा टैक्स?

ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जो शेयर बाजार में 1 साल से अधिक की अवधि के लिए शेयर खरीदते हैं. इसे ही निवेश कहा जाता है. बड़े-बड़े दिग्गज निवेशक हर किसी को निवेश की सलाह ही देते हैं. अगर आपको कैपिटल गेन होता है तो उस पर आपको 1 लाख रुपये तक पर कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा. वहीं अगर आपकी कमाई इससे अधिक होती है तो उस पर फ्लैट 10 फीसदी टैक्स चुकाना होगा. इसमें भी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस टैक्स स्लैब में आते हैं. हालांकि, अगर आपकी कमाई 2.5 रुपये तक ही है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा.

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Arshad Fahoum

Arshad is an Options and Technical Strategy trader and is currently working with Market Pulse as a Product strategist. He is authoring this blog to help traders learn to earn.

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शेयर बाजार में आए नए या युवा निवेशक अक्सर कुछ सामान्य गलतियां करते हैं. इस वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है. कि . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : May 13, 2021, 10:04 IST

कोरोना संकट में जहां बाकी सेक्टर में बिजनेस काफी प्रभावित हुआ, वहीं शेयर बाजार में नए निवेशक तेजी से बढ़े हैं. कोरोना संकट के शुरुआती दौर में पिछले साल मार्च में शेयर बाजारों में तेज गिरावट आई। लॉकडाउन में ढ़ील के बाद फिर से बाजारों में तेज रिकवरी हुई. इस दौरान बहुत तेजी से शेयर बाजार में नए निवेशक बढ़ें. पिछले एक साल में रिकॉर्ड संख्या में नए डिमैट अकाउंट खुले हैं.
हालांकि इस दौरान बाजार बहुत ही उतार-चढ़ाव वाला रहा. शेयर इंट्रा डे कहां से सीखें बाजार में आए नए या युवा निवेशक अक्सर कुछ सामान्य गलतियां करते हैं. इस वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है. किसी निवेशक को कुछ बुनियादी बातों को जरूर सीखना चाहिए और सामान्य सी गलतियां करने से बचना चाहिए.

आईए जानते हैं ऐसी ही दस प्रमुख बातें .

1- उस कंपनी में निवेश न करें जिसे आप समझते नहीं

यह निवेश का पहला और बेसिक नियम है, जिसे हर एक निवेशक को फॉलो करना चाहिए। वैसे हर आदमी से यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वह हर एक कंपनी की समझ रखे। इसके बावजूद हमें प्रयास करना चाहिए कि कम से कम कंपनी के बिजनेस की बेसिक समझ रखें, जैसे कंपनी क्या करती है और अपनी प्रतिद्वन्दी कंपनियों के सामने कैसे खड़ी है।

2- नए निवेशकों का पोर्टफोलियों का कैसा होना चाहिए
अक्सर हम देखते हैं कि निवेशक या तो अपने पोर्टपोलियो में विविधता नहीं रखते या फिर अत्यअधिक विविधता कर लेते हैं। जबकि इन दोनों के बीच संतुलन रखना सबसे महत्वपूर्ण है। जैसे मान लीजिए आपके पास दस शेयर हैं और आपने किसी एक या दो सेक्टर के ही सारे शेयर ले रखें हैं. इससे बचना चाहिए. दस में से दो बैंकिंग सेक्टर, दो मेटल सेक्टर, दो फार्मा सेक्टर, दो टेक सेक्टर इस तरह से पोर्टफोलियों में विविधता रखनी चाहिए. ज्यादा संख्या में भी शेयर रखने से बचना चाहिए. इसलिए जोखिम से बचने के लिए एक संतुलित वाली पोर्टफोलियों रखें.

3- दूसरे के पोर्टफोलियो का अनुकरण

सफल निवेशकों के पोर्टफोलियो को देखना गलत नहीं है और शुरुआत में उसके निवेश निर्णय से आप भी सीख सकते हैं। इसके साथ ही निवेश की अपनी समझ विकसित करें। लंबे समय में दूसरे को ब्लाइंडली फॉलो करना खतरनाक होता है क्योंकि हर निवेशक के पास विभिन्न फैक्टर होते और अपने प्लान होते हैं। इस चीज को आप ऐसे समझ सकते हैं कि हम सभी जानते हैं कि कार कैसे चलाते हैं लेकिन जब आप सड़क पर गाड़ी लेकर जाते हैं तो सामने वाली कार को देख कर चलाते हैं या अपने हिसाब से निर्णय लेते हैं। सामने वाली कार को फॉलो करना कितना खतरनाक हो सकता है यह आप समझ सकते हैं। यही स्थिति निवेश में भी होती है।

4- अपने निवेश के साथ भावनात्मक लगाव न रखें

सबसे खराब निवेश के निर्णय वो होते हैं जो आप भावनाओं के आधार पर लेते हैं या फिर आपके निर्णय लेने की प्रक्रिया को आपके इमोशन प्रभावित करते हैं। यह देखने की बजाय कि कंपनी का प्रदर्शन और उसका फंडामेंटल कैसा है।

5- अपनी निवेश के सिद्धांत पर अडिग रहें इंट्रा डे कहां से सीखें

जब हम किसी कंपनी को निवेश के लायक समझते हैं तब हम उससे संबंधित कुछ प्रमुख निर्धारक बिंदु देखते हैं। कंपनी कितना विकास करेगी और भविष्य में कंपनी की रणनीति क्या होगी, ऐसी बहुत सारी चीजें हम समझते हैं। यह कंपनी का एक्सपेंसन प्रोजेक्ट, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्केट शेयर गेन, प्रोडक्ट की आगे वैल्यू एडिशन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं। यदि इनमें से किसी भी चीज को आप निवेश के बाद गड़बड़ होते हुए पाते हैं तो तुरंत समीक्षा करिए।

6. घाटे से डरिए मत, सीखिए

हां, यह हर निवेशक के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है इसे सीखना और इससे बचना। सभी लोग कभी न कभी, किसी न किसी स्टॉक में गलत निर्णय ले लेते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह हमारे सीखने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है। अगर कभी आप गलत शेयर ले लिए हैं और घाटा हो रहा है तो घाटे से डरिए मत, उससे निकल लीजिए। ज्यादा देर मत करिए और किसी दूसरे स्टॉक में मौका देखिए। घाटे से डरिए मत, सीखिए.

7. पेनी स्टॉक से बचना चाहिए
अक्सर नए निवेशक जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में पेनी स्टॉक में पैसा लगा देते हैं. किसी दूसरे का सुन के कि इस 2 रुपए के स्टॉक ने 6 महीने में 500 फीसदी रिटर्न दिया, निवेश नहीं करना चाहिए. सैमको सिक्योरिटी के रिसर्च हेड उमेश मेहता कहते हैं पेनी स्टॉक जब चढ़ता है या उसमें अपर सर्किट लगने लगता है तो लोग पैसा लगाने के लिए जल्दीबाजी करने लगते है. लेकिन जब पेनी स्टॉक गिरता है या उसमें लोअर सर्किट लगता है तो निवेशक शेयर बेट भी नहीं पाते औऱ घाटा उठाना पड़ता है. इसलिए हमेशा फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में निवेश करें.
8- जल्दी से जल्दी करोड़पति बनने की चाहत वाले शेयर बाजार से दूर रहें
अक्सर नए निवेशक शेयर बाजार में रातों रात करोड़पति बनना चाहते हैं. वो किसी और का सुन रख होते हैं या फिर बाजार को सट्टा का अड्डा समझते है. ऐसा सोचने वालों को बाजार से दूर रहना चाहिए. शेयर बाजार लॉन्ग टर्म के लिए निवेश की बेहतर जगहों में से एक है न कि जुआ घर. मजबूत कंपनी में निवेश करिए औऱ लंबे समय या मध्यम अवधि के लिए अच्छा रिटर्न पाइए.
9 - नए निवेशकों को इंट्रा डे ट्रेडिंग से बचना चाहिए
वर्तमान में बाजार में बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव है. सामान्य परिस्थिति में भी नए निवेशक को इंट्रा डे ट्रेडिंग से बचना चाहिए. यहीं जल्दी पैसा डूबता है. क्योंकि आपको बाजार का लंबा अनुभव औऱ ज्ञान नहीं है. बारिकियां नहीं पता है. लिहाजा इंट्रा डे कहां से सीखें घाटा होने की आशंका बहुत ज्यादा होती है. इसलिए बेहतर कंपनी में निवेश करें न कि इंट्रा डे ट्रेडिंग करें.
10- जितना पैसा लगाइए उतना ही ज्यादा पढ़िए
शेयर बाजार में आप जितना ज्यादा पैसा लगा रहे हैं उतना ही ज्यादा पढ़िए. मार्केट, कंपनी, रिजल्ट, विशेषज्ञों की सलाह, ग्लोबल मार्केट का रूख इन सारी चीजों के बारे में जितना जानेंगे, आपके लिए बेहतर होगा.

(डिसक्लेमर- विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर यह सुझाव दिया गया. निवेश अपने हिसाब से करें)

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